अपन दलान अपन मैथिल समाजक लेल हमर एगो छोट छीन प्रयास अछि सभके एकसूत्र में बांध के आ अपन संस्कृति स अवगत करेबाक , जत आजुक ई तेजी सं परिवर्तन होयत जुग में किनको पास समय नई छैन जे ओ

 अपन परिवार के देखता आ की समाज के , सभ कियो अपन रोजी रोटी में लागल रहित छैथ…..मुदा एहनो बहुत व्यक्ति छैथ जे अपन बहुमूल्य समय के निकैल ई सम्जाक्लेल समय देत छथिन हुनका सभके हमर बहुत -बहुत सुभकामना ! आ जे कियो समय नै द पबैत छैथ हुनका सं आग्रह कर्बैं जे कम स कम ओ समाजक ओहिवर्गक लोग्निक उत्थास बढेता जे अपन समय द क समाज के लेल आ अपन संस्कृति के धरोहर के रक्षा के लेल कार्यरत छैथ ! और हम निवेदन करैत कची जे आन्हुसभ्क कोनो मैथिल रचना हुवा जे मिथिलाक विषय वस्तु सं परिचित करबैत होय ओ रचना हमर ई मेल navin1505@gmail.com पर पठाऊ, रचना के साथ अपन नाम आ संक्षिप्त जानकारी सेहो भेजब ताकि अंहक नाम सं हम रचना प्रकाशित क सकी  !

(नविन ठाकुर )